सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ से क्यों नाराज़ हुआ चीन ? भारत ने दिया कड़ा जवाब

vivek dubey
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IMAGE:SALMAN INSTAGRAM

सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर भारत और चीन के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। फिल्म का टीज़र सामने आते ही चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने इसकी आलोचना शुरू कर दी, जिसके बाद भारत सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि सिनेमा भारत में रचनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम है और इस पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई जाती।

बैटल ऑफ गलवान
IN IMAGE SALMAN KHAN AND DIRECTOR APOORVA LAKHIA

भारत का दो टूक रुख: सिनेमा पर रोक नहीं

चीन की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत में फिल्ममेकर्स को पूरी क्रिएटिव फ्रीडम प्राप्त है। ऐतिहासिक और सैन्य घटनाओं पर फिल्में बनाना भारतीय सिनेमा की एक पुरानी परंपरा रही है। भारत ने उदाहरण देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध पर बनी फिल्म हकीकत’ और रेजांग ला की लड़ाई पर आधारित ‘120 बहादुर’ का जिक्र किया।  सिनेमा कला और अभिव्यक्ति का माध्यम है। इसे प्रतिबंधित करने की भारत की परंपरा नहीं रही है।”

चीन की आपत्ति और विवादित बयान

चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म के टीज़र को “तथ्यों से परे” बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें जून 2020 की गलवान घाटी की झड़प को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। अख़बार ने यह भी दावा किया कि भारत इस फिल्म के ज़रिए राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि गढ़ने की कोशिश कर रहा है।

इतना ही नहीं, चीनी मीडिया में शहीद कर्नल संतोष बाबू की वीरता को लेकर की गई ‘तथाकथित’ टिप्पणी को भारत ने बेहद अपमानजनक करार दिया है।

बैटल ऑफ गलवान
IMAGE : SALMAN KHAN INSTAGRAM

सलमान खान निभा रहे हैं शहीद संतोष बाबू का किरदार

निर्देशक अपूर्व लाखिया की इस फिल्म में सलमान खान कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने 15 जून 2020 को गलवान घाटी में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उस संघर्ष में 16 बिहार रेजिमेंट के 19 अन्य जवान भी शहीद हुए थे।

जन्मदिन पर रिलीज हुआ दमदार टीज़र

सलमान खान के 60वें जन्मदिन (27 दिसंबर 2025) पर जारी किए गए 1 मिनट 12 सेकंड के टीज़र में भारतीय सैनिकों को चीनी सैनिकों का सामना करने के लिए तैयार दिखाया गया है। सलमान का संवाद —
“जवानों, जख्म लगे तो मेडल समझना और मौत सामने आए तो सलाम करना”
सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में है।

टीज़र को अब तक अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर 6 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है।

विवाद ने बढ़ाई दर्शकों की उत्सुकता

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के विरोध ने फिल्म को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। हालिया बॉक्स ऑफिस ट्रेंड और देशभक्ति फिल्मों की लोकप्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि ‘बैटल ऑफ गलवान रिलीज के साथ ही बड़ा प्रभाव छोड़ सकती है।

Disclaimer

यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। फिल्म बैटल ऑफ गलवान’ से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। लेख का उद्देश्य केवल सूचना देना है, किसी भी देश, संस्था या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं।

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Vivek Kumar Dubey एक स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पिछले 5 वर्षों से ब्लॉगिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव है। जो लोकल न्यूज से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक पर लेखन करते हैं। ताज़ा खबरों, खेल और मनोरंजन जगत की ट्रेंडिंग स्टोरीज़ पर लगातार लेखन करते आ रहे हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूज़ एनालिसिस का अनुभव है। उनका फोकस पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।
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