मशहूर फंड मैनेजर Siddhartha Bhaiya का 47 साल की उम्र में निधन, शेयर बाजार को लेकर दी थी कड़ी चेतावनी
निवेश और शेयर बाजार की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। Aequitas Investment Consultancy के संस्थापक और जाने-माने PMS फंड मैनेजर Siddhartha Bhaiya का 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 31 दिसंबर को न्यूज़ीलैंड में पारिवारिक छुट्टियों के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया।
Siddhartha Bhaiya के अचानक चले जाने से निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और पूरे फाइनेंशियल सेक्टर में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्हें एक तेज़ सोच वाले, स्पष्ट राय रखने वाले और सिद्धांतों पर टिके रहने वाले निवेशक के रूप में जाना जाता था।
हालिया बयान जिसने मचाई थी हलचल
निधन से कुछ ही हफ्ते पहले Siddhartha Bhaiya मुंबई में आयोजित Moneycontrol Deserve Wealth Summit में शामिल हुए थे। इस मंच से उन्होंने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बेहद तीखी और साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा बाजार को स्वस्थ बुल रन कहना गलत होगा और यह दरअसल “epic proportions का bubble” है।
उनका तर्क था कि निफ्टी का करीब 20 गुना PE देखने में भले ही संतुलित लगे, लेकिन यह आंकड़ा पूरी सच्चाई नहीं दिखाता। उन्होंने समझाया कि निफ्टी का लो PE मुख्य रूप से SBI, ONGC, NTPC, Coal India और Power Grid जैसी बड़ी PSU कंपनियों की वजह से है, जिन्हें आम रिटेल निवेशक अपने पोर्टफोलियो में बहुत कम रखते हैं।
“असल जोखिम नीचे छुपा है”
Siddhartha Bhaiya के मुताबिक, अगर इन PSU शेयरों को हटा दिया जाए तो जिन स्टॉक्स में आम निवेशकों का पैसा लगा है, उनका effective PE 40 से भी ऊपर निकलता है। उन्होंने यह भी चेताया था कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में वैल्यूएशन 50 के पार पहुंच चुका है, जो बाजार के लिए खतरे का संकेत है।
SIP को लेकर भी जताई चिंता
उन्होंने SIP आधारित निवेश पर भी सवाल उठाए थे। Bhaiya ने इसे SIP नहीं बल्कि “Systematic Wealth Transfer” बताया था। उनका कहना था कि जितनी रकम SIP के जरिए बाजार में आ रही है, लगभग उतनी ही राशि प्रमोटर्स अपने शेयर बेचकर बाहर निकाल रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि मिडिल क्लास की पूंजी धीरे-धीरे अमीर वर्ग की ओर ट्रांसफर हो रही है।
निवेश जगत में गहरा शोक
Aequitas ने अपने बयान में Siddhartha Bhaiya को कंपनी की आत्मा बताया। कंपनी के मुताबिक, वह सिर्फ एक निवेशक नहीं, बल्कि एक institution builder थे, जिनकी सोच ईमानदारी, अनुशासन और लंबी अवधि के नजरिए पर आधारित थी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट Siddhartha Bhaiya को इक्विटी रिसर्च और फंड मैनेजमेंट में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव था। उनके नेतृत्व में Aequitas का AUM जनवरी 2026 तक करीब ₹7,700 करोड़ तक पहुंच गया था।
उनका असमय निधन भारतीय निवेश जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
Helios Capital के संस्थापक Samir Arora समेत कई दिग्गज निवेशकों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है।
Disclaimer: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स और विश्वसनीय मीडिया सूत्रों पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए विचार और बयान संबंधित व्यक्ति/संस्था के हैं। Rapid Khabar किसी भी निवेश संबंधी सलाह की पुष्टि या समर्थन नहीं करता। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।