क्या फ्रिज का पानी दिल की धड़कन बिगाड़ सकता है ? सच जानना जरूरी

vivek dubey
6 Min Read
फ्रिज का ठंडा पानी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है, जानिए पूरी सच्चाई (Image: AI)

फ्रिज का ठंडा पानी पीने से क्या नुकसान होता है?

जानिए सच, अनुभव और आयुर्वेद का संतुलित नज़रिया

गर्मियों की तपती दोपहर हो या थकान से भरा दिन—फ्रिज खोलते ही ठंडे पानी की बोतल हाथ में आते ही मन को सुकून मिल जाता है। एक घूंट और लगता है जैसे सारी थकान उतर गई।
लेकिन यही राहत क्या अंदर ही अंदर शरीर पर भारी तो नहीं पड़ रही?

हमारे घरों में बड़े-बुज़ुर्ग अक्सर कहते थे—“बहुत ठंडा पानी मत पियो।”

तब शायद हमें यह बात पुरानी लगती थी, पर अब विज्ञान और आयुर्वेद—दोनों इस चेतावनी को सही मानते हैं।

आइए,आसान भाषा में समझते हैं कि फ्रिज का ठंडा पानी पानी पीने से क्या नुकसान होता है।

फ्रिज का ठंडा पानी पीने से क्या नुकसान होता है – गला, पाचन और दांतों पर असर
Image: AI

1. पाचन तंत्र का धीरे-धीरे खराब होना(Digestion Issues)

क्या आप जानते हैं कि ठंडा पानी पीने से आपका पाचन तंत्र धीमा हो सकता है? विज्ञान के अनुसार, जब हम अत्यधिक ठंडा (लगभग 2°C – 4°C) पानी पीते हैं, तो यह हमारे पेट की काम करने की गति को कम कर देता है। गैस्ट्रिक एम्पटींग (Gastric Emptying) यानी भोजन का पेट से आंतों में जाने की प्रक्रिया ठंडे पानी से धीमी हो जाती है    

आयुर्वेद का नजरिया: आयुर्वेद में इसे ‘जठराग्नि‘ (पाचन अग्नि) का बुझना कहा जाता है। ठंडा पानी इस अग्नि को कमजोर कर देता है, जिससे खाना पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है, जिससे गैस, अपच और भारीपन महसूस होता है    

2. दिल की धड़कन और वेगस नर्व (Heart Rate & Vagus Nerve)

 ठंडा पानी सीधे आपके दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। हमारे शरीर में वेगस नर्व (Vagus Nerve) होती है, जो मस्तिष्क को दिल और पेट से जोड़ती है। शोध में पाया गया है कि बर्फ का पानी पीने से यह नर्व उत्तेजित हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय गति (Heart Rate) अचानक धीमी हो सकती है । कुछ मामलों में, विशेषकर एथलीट्स में, एकदम ठंडा पानी पीने से दिल की धड़कन अनियमित (Arrhythmia) होने के मामले भी देखे गए हैं  

3. सिरदर्द और माइग्रेन (Brain Freeze & Headache)

आइसक्रीम खाते समय या ठंडा पानी पीते समय माथे में जो तेज झटका लगता है—वही ब्रेन फ्रीज है। माइग्रेन के मरीजों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, जिन महिलाओं को माइग्रेन की समस्या थी, उनमें ठंडा पानी पीने से सिरदर्द शुरू होने की संभावना दोगुनी पाई गई यह दर्द इसलिए होता है क्योंकि ठंडा तापमान मुंह के ऊपरी हिस्से की नसों को तेजी से सिकोड़ देता है।   

4.दांतों की झनझनाहट (Sensitivity)

ठंडा पानी दांतों की सेंसिटिविटी का मुख्य कारण है। जब ठंडा पानी दांतों के इनेमल के नीचे मौजूद डेंटिन (Dentin) के संपर्क में आता है, तो नसों में तेज झनझनाहट होती है। इसे ‘हाइड्रोडायनामिक थ्योरी’ द्वारा समझाया गया है, जहाँ तापमान में बदलाव दांतों के अंदर के द्रव को हिला देता है, जिससे दर्द होता है 1

5.. गला खराब और सर्दी-खांसी (Throat & Immunity)

ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाएगा” — यह बात हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, और यह सच भी है। 1978 में हुए एक ऐतिहासिक अध्ययन में पाया गया कि ठंडा पानी पीने से नाक और गले का बलगम (Mucus) गाढ़ा हो जाता है। जब बलगम गाढ़ा होता है, तो वह आसानी से बाहर नहीं निकल पाता और सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है। इसके विपरीत, गर्म पानी या सूप बलगम को पतला कर उसे बाहर निकालने में मदद करते हैं   यही वजह है कि सर्दी में डॉक्टर गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं।

तो फिर सही पानी कौन सा ?

फ्रिज के पानी का सबसे बेहतरीन विकल्प है—मिट्टी का घड़ा (Matka)।

 मटके के पानी तापमान 14°C – 20°C के आसपास रहता है, जो गले और पेट के लिए बिल्कुल सही है  मिट्टी प्राकृतिक रूप से क्षारीय (Alkaline) होती है, जो शरीर की एसिडिटी को संतुलित करती है और पाचन को सुधारती है   फ्रिज के पानी की जगह मिट्टी के घड़े (मटके) का पानी अपनाइए।

यही  कारण है कि पहले के ज़माने में फ्रिज नहीं, मटके होते थे—और लोग ज्यादा स्वस्थ भी।

निष्कर्ष: अगली बार जब आप फ्रिज का दरवाजा खोलें, तो एक पल के लिए रुकें। अपनी प्यास बुझाने के लिए फ्रिज की बोतल के बजाय मटके का पानी या सामान्य तापमान का पानी चुनें। यह छोटा सा बदलाव आपको पेट की बीमारियों, गले की खराश और भविष्य की कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकता है।

Disclaimer : यह जानकारी चिकित्सा और वैज्ञानिक शोधों  पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।   

Share This Article
Follow:
Vivek Kumar Dubey एक स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पिछले 5 वर्षों से ब्लॉगिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव है। जो लोकल न्यूज से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक पर लेखन करते हैं। ताज़ा खबरों, खेल और मनोरंजन जगत की ट्रेंडिंग स्टोरीज़ पर लगातार लेखन करते आ रहे हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूज़ एनालिसिस का अनुभव है। उनका फोकस पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *