Aravali Hills कहाँ स्थित है? किन-किन राज्यों में फैली है, सबसे ऊँचा पर्वत और वर्तमान विवाद

vivek dubey
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aravali hills कहाँ है? यह किन-किन राज्यों में फैली है, सबसे ऊँचा पर्वत और वर्तमान विवाद

 अरावली हिल्स (Aravali Hills) भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित एक प्राचीन पर्वतमाला है। यह दिल्ली के पास से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक लगभग 670-800 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है। इस पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी गुरुशिखर, माउंट आबू (राजस्थान) में है।  इससे उत्तर भारत में जलवायु संतुलन, भूजल रिचार्ज और पर्यावरण रक्षा में अहम भूमिका मिलती है।   aravali hills न सिर्फ भारत की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक है, बल्कि हाल के दिनों में इसे लेकर बड़ा environmental aur political controversy भी चल रहा है।

aravali hills

Aravali Hills Kon Kon Se Rajyo Me Aati Hai?

अगर बात करें कि Aravali Hills kon kon se rajyo me hai, तो इसका विस्तार मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में देखा जाता है:

गुजरात (दक्षिणी भाग से शुरुआत)

राजस्थान (सबसे बड़ा हिस्सा)

हरियाणा

दिल्ली-NCR

राजस्थान में aravali hills सबसे ज्यादा फैली हुई है और कई प्रमुख शहर जैसे उदयपुर, अजमेर और अलवर इसके आसपास बसे हुए हैं।

Aravali Hills Ka Sabse Uncha Parvat Kaunsa Hai?

अरावली की सबसे ऊँची चोटी है:

गुरु शिखर (Guru Shikhar)

स्थान: माउंट आबू, राजस्थान

 ऊँचाई: लगभग 1,722 मीटर

गुरु शिखर न केवल अरावली का सबसे ऊँचा पर्वत है, बल्कि यह राजस्थान का भी सबसे ऊँचा बिंदु माना जाता है।

Aravali Hills Ka Mahatva (Importance)

अरावली सिर्फ पहाड़ों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।

इसके प्रमुख फायदे:

थार मरुस्थल को आगे बढ़ने से रोकना

भूजल (Ground Water) को recharge करना

दिल्ली-NCR में प्रदूषण और धूल को कम करना

जैव विविधता और वन्यजीवों की रक्षा

बाढ़ और सूखे के प्रभाव को संतुलित करना

इसी वजह से aravali hills को उत्तर भारत के लिए Life Support System भी कहा जाता है।

Aravali Hills Par Abhi Itna Vivaad Kyu Ho Raha Hai?

हाल ही में aravali hills को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। विवाद की मुख्य वजह है अरावली की नई परिभाषा

नई गाइडलाइन के अनुसार:  केवल वही पहाड़ी क्षेत्र “ aravali hills ” माने जाएंगे जिनकी ऊँचाई आसपास की जमीन से 100 मीटर या उससे ज्यादा है।

विवाद क्यों बढ़ा?

इससे aravali hills के छोटे-छोटे पहाड़ी हिस्से कानूनी सुरक्षा से बाहर हो सकते हैं

लगभग 80–90% अरावली क्षेत्र mining और construction के लिए खुलने का खतरा

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यही छोटे hillocks रेगिस्तान, धूल और प्रदूषण रोकने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं

Environmental Aur Political Angle

Aravali hills पर माफिया और अवैध mining ने सतत दशकों में भौतिक, ecological और स्थानीय जीवन दोनों तरह का भारी नुकसान किया है — विशेष रूप से पहाड़ों की ऊँचाई, वनावरण, groundwater capability और स्थानीय समुदाय के लिए।

पर्यावरणविदों और NGOs ने Save Aravali Movement शुरू किया

कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन

राजनीतिक दल एक-दूसरे पर mining mafia को फायदा पहुँचाने के आरोप लगा रहे हैं

सरकार का कहना है कि इससे clarity आएगी, जबकि विरोधियों का मानना है कि इससे अरावली का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी जानकारियाँ केवल सामान्य सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए प्रदान की जाती हैं।aravali hills, उससे जुड़ा विवाद, पर्यावरण, सरकारी नीतियाँ और अन्य विषयों पर दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, समाचार रिपोर्ट्स और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है।

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इस लेख में व्यक्त विचार केवल सूचनात्मक हैं, इन्हें किसी प्रकार की राजनीतिक, कानूनी या प्रशासनिक सलाह के रूप में न लिया जाए। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान या हानि के लिए वेबसाइट या लेखक जिम्मेदार नहीं होगा

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Vivek Kumar Dubey एक स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पिछले 5 वर्षों से ब्लॉगिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव है। जो लोकल न्यूज से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक पर लेखन करते हैं। ताज़ा खबरों, खेल और मनोरंजन जगत की ट्रेंडिंग स्टोरीज़ पर लगातार लेखन करते आ रहे हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूज़ एनालिसिस का अनुभव है। उनका फोकस पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।
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