venezuela oil reserves : वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला की राजधानी कराकास समेत कई अहम ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि आखिर अमेरिका वेनेजुएला के पीछे क्यों पड़ा है। अमेरिकी प्रशासन इस कार्रवाई को “नार्को टेररिज्म के खिलाफ लड़ाई” बता रहा है, जबकि वेनेजुएला का आरोप है कि अमेरिका की असली दिलचस्पी उसके विशाल तेल भंडार में है।
यह सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि अमेरिका खुद दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर वेनेजुएला के तेल के लिए टकराव की नौबत क्यों
दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास
तेल की गुणवत्ता ही है असली वजह
वेनेजुएला के तेल को खास बनाती है उसकी गुणवत्ता। अमेरिका के पास मुख्य रूप से हल्का और मीठा (Light Sweet Crude) कच्चा तेल है, जिससे पेट्रोल और गैसोलीन का उत्पादन तो आसानी से हो जाता है, लेकिन डीज़ल और भारी औद्योगिक ईंधन का उत्पादन सीमित रहता है।
इसके उलट, वेनेजुएला के पास भारी और खट्टा (Heavy Sour Crude) कच्चा तेल है। इस तेल की गुणवत्ता ऐसी है कि इसके परिशोधन से डीज़ल, जेट फ्यूल, औद्योगिक ईंधन और भारी मशीनों में इस्तेमाल होने वाले कई अहम पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। यही वजह है कि अमेरिकी उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए वेनेजुएला का तेल बेहद अहम माना जाता है।
अमेरिका के लिए सस्ता और रणनीतिक विकल्प
भौगोलिक रूप से वेनेजुएला अमेरिका के काफी करीब है। इस वजह से वहां से तेल आयात करना अमेरिका के लिए ट्रांसपोर्टेशन के लिहाज से सस्ता पड़ता है। दशकों तक अमेरिका, आज की तुलना में, वेनेजुएला के तेल पर कहीं ज्यादा निर्भर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका की कई बड़ी रिफाइनरियां खास तौर पर वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने के लिए ही डिजाइन की गई थीं। इन रिफाइनरियों पर अरबों डॉलर का निवेश हुआ है और पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर इसी तरह के तेल पर आधारित है। ऐसे में अमेरिकी कंपनियों के लिए घरेलू तेल की तुलना में वेनेजुएला का तेल ज्यादा उपयोगी साबित होता है।
प्रतिबंध, दबाव और तेल की राजनीति
जानकारों का मानना है कि अमेरिकी रिफाइनरी कंपनियों का सरकार पर लगातार दबाव बना रहता है कि वेनेजुएला के तेल तक उनकी पहुंच फिर से बहाल हो। मौजूदा वेनेजुएला सरकार के रहते यह संभव नहीं दिखता, यही वजह है कि अमेरिका ने उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।
इन प्रतिबंधों का सीधा असर वेनेजुएला के तेल उत्पादन पर पड़ा है। कभी दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल रहा यह देश आज उत्पादन के गंभीर संकट से जूझ रहा है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर यह मामला सिर्फ राजनीति या सुरक्षा तक सीमित नहीं है। तेल की गुणवत्ता, भौगोलिक नजदीकी और अरबों डॉलर के अमेरिकी रिफाइनरी इंफ्रास्ट्रक्चर—ये सभी कारण मिलकर वेनेजुएला को अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाते हैं। यही वजह है कि वेनेजुएला का तेल आज भी वैश्विक सत्ता संघर्ष का बड़ा केंद्र बना हुआ है।